यह नाटक हमारे प्रिय पिता जी का
पहला नाटक है
पहला नाटक है
अज्ञानता
पात्र परिचय
सेठ दीनानाथ - व्यवसाई धनी सेठ ।
कमला - पत्नी दीनानाथ ।
राधा - पुत्री दीनानाथ ।
विशाल - सेठ जी का नौकर [अनपढ]
असरफ खां - फल विक्रेता [सेठ जी का बचपन का मित्र ]
साजिया -पुत्री असरफ खां
डॉक्टर अतुल राय -ऍम० डी० ,मै ० डी ० ,न्यूरोलॉजी ,न्यूरोलॉजिस्ट ,
मस्तिस्क रोग विशेषज्ञ ।
सायकल का समय है कमला [हरी हल्के रंग की साड़ी ]और सफ़ेद ब्लाउज़ पहने हुए है ।
भगवान पे अटल विश्वास रख़्ती है
भगवान शिव के मंदिर मै घण्टा बजाकर आरती कर रही है -
""ॐ जय जय साम्ब सदा शिव ,जय जय साम्ब सदा शिव ,
सन्तन सुखकारी , ॐ हर हर महादेव -२
आरती कर भगवान को नमन कर घर वापस आती है
सेठ दीनानाथ बिस्तर पर लेटे चीख रहे है
से ० दीनानाथ - आह आह आह , आज सर बहुत तेजी से दर्द हो रहा है
कमला-भगवान का आरती प्रसाद लो , सब ठीक हो जायेगा ।
है शिव तेरी जय जय कार हो ।
दीनानाथ -दिमागी बुखार उत्तर जाने के बाद से सर दर्द कम नही हो रहा है । कमला -सर दर्द की बहुत गोलिया खा चुके हो ,परन्तु आराम बिल्कुल नही हो रहा है
दीनानाथ -सोचते हुए ,कमला , अब मालूम हो रहा है ,की मै अधिक समय तक नही चल सकूंगा ।
लेखक -श्री पं ० मिथिलेश कुमार दिक्षित
सहयोगिनी -श्री गीता दिक्षित
पुत्र -[ शिवपूजन दिक्षित] पेज -

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